अहमदाबाद। गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी को सोमवार को अदालत से जमानत मिल गई, लेकिन उन्हें कुछ मिनटों के अंदर ही एक अन्य मामले में अरेस्ट कर लिया गया। मेवानी के विधायक अंगशुमान बोरा ने कहा कि गुजरात के बडगाम से विधायक मेवानी को कोकराझार जिले की अदालत से बेल मिल गई थी। लेकिन कुछ देर बाद ही बारपेटा जिले की पुलिस ने उन्हें एक अन्य मामले में अरेस्ट कर लिया गया। राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के संयोजक जिग्नेश मेवानी ने बीते साल कांग्रेस को समर्थन का ऑफर दिया था। उन्हें बीते सप्ताह बुधवार को भाजपा के नेता अरूप कुमार डे की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। गुजरात के पालनपुर से पुलिस उन्हें अरेस्ट कर लेकर आई थी। मेवानी पर आपराधिक साजिश के आरोप में सेक्शन 120 बी, सेक्शन 259ए, वैमनस्यता फैलाने के आरोप में धारा 153्र, शांति भंग करने के लिए किसी का अपमान करने आरोप में सेक्शन 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा ट्वीट पोस्ट के लिए उन पर ये आरोप लगे थे, इसलिए आईटी एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश किया गया था और फिर कोर्ट ने उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।